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डोनाल्ड ट्रंप H-1B प्रोग्राम के तहत 60 दिनों के ग्रेस पीरियड को खत्म करने के करीब, ऐसा होते ही भारतीयों पर क्या होगा असर

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 29, 2026 10:51 am IST,  Updated : Aug 29, 2026 11:33 am IST

ये प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुआ है और मौजूदा 60 दिन का ग्रेस पीरियड अभी भी जारी है।

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H-1B प्रोग्राम के तहत 60 दिनों के ग्रेस पीरियड को खत्म करने की तैयारी Image Source : FREEPIK

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के एक प्रस्ताव को वाइट हाउस की रेगुलेटरी रिव्यू में मंजूरी मिल गई है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे विदेशी कर्मचारियों को नौकरी छूटने के बाद मिलने वाले 60 दिन के ग्रेस पीरियड (छूट की अवधि) को खत्म करना है। इसके साथ ही, अब ये कदम सार्वजनिक रूप से जारी किए जाने के और भी नजदीक आ गया है।

ब्लूमबर्ग लॉ के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के इस प्रस्ताव को गुरुवार को ऑफिस ऑफ इंफॉर्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स (OIRA) ने मंजूरी दे दी। ये कदम H-1B वीजा वाले कर्मचारियों, खासकर भारतीयों के लिए अहम है, क्योंकि अमेरिकी स्किल्ड-वर्कर वीजा प्रोग्राम के तहत सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाले भारतीय ही हैं।

60 दिन का ग्रेस पीरियड अभी जारी

हालांकि, ये प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुआ है और मौजूदा 60 दिन का ग्रेस पीरियड अभी भी जारी है। इसका पूरा टेक्स्ट अभी प्रकाशित नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि अभी ये पता नहीं है कि इसमें कौन-कौन से कर्मचारी शामिल होंगे, क्या कोई छूट मिलेगी या नहीं और अगर DHS कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की योजना बना रहा है तो वो क्या होगी। जब DHS प्रस्तावित नियम को प्रकाशित करेगा और इसे जनता की समीक्षा के लिए पेश करेगा, तब इसका दायरा और साफ हो पाएगा।

क्या है 60 दिन का ग्रेस पीरियड

2017 में लागू नियमों के तहत, कुछ नॉन-इमिग्रेंट कर्मचारी जिनकी नौकरी छूट जाती है, वे आम तौर पर अमेरिका में लगातार 60 दिनों तक या अपने अधिकृत प्रवास की अवधि खत्म होने तक- इनमें से जो भी पहले हो, रह सकते हैं।

ये ग्रेस पीरियड कर्मचारियों के लिए, उस दौरान कोई दूसरी कंपनी में नौकरी ढूंढने में मदद कर सकता है जो उन्हें स्पॉन्सर करने को तैयार हो, या उन्हें अपना इमिग्रेशन स्टेटस बदलने या देश छोड़ने की व्यवस्था करने का मौका दे सकता है। ये प्रावधान कई अन्य श्रेणियों पर भी लागू होता है, जिनमें E-1, E-2, E-3, H-1B1, L-1, O-1 और TN वीजा होल्डर धारक और उनके आश्रित शामिल हैं।

60 दिन की ये अवधि हर मामले में अपने-आप नहीं मिलती। DHS के पास इसे लागू करने या न करने का अधिकार है और जिस कर्मचारी के अधिकृत प्रवास की अवधि पहले ही खत्म हो रही हो, उसे पूरे दो महीने नहीं मिलेंगे।

पूरे घटनाक्रम पर भारतीयों की पैनी नजर

ये संभावित बदलाव भारतीय पेशेवरों के लिए काफी अहम है क्योंकि H-1B वीजा प्राप्त करने वाले विदेशी कर्मचारियों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है। वित्त वर्ष 2024 में मंजूर हुई H-1B याचिकाओं में 71 प्रतिशत याचिकाएं भारतीय नागरिकों की थीं।

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